Sunday, 27 May, 2018
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मध्य प्रदेश

महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में भक्तों को भगवान महाकाल के दर्शन

Posted at: Feb 13 2018 8:26PM
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उज्जैन। महाशिवरात्रि के पर्व पर मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर में दर्शनार्थियों ने कतारबद्ध होकर भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किए। महाशिवरात्रि पर्व पर महाकालेश्वर मंदिर में भस्मार्ती के बाद कल मध्य रात्रि 2 बजे गर्भगृह के पट खुल गये थे और मंदिर में दर्शन का सिलसिला पूरी रात चलेगा। मंदिर के पट बुधवार की रात में शयन आरती के बाद बंद होगें। इस मौके पर आम दर्शनार्थियों के लिए दर्शन की व्यवस्था की गई है। मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व भगवान शंकर के विवाहोत्सव के रुप में मनाया जाता है।
 
पर्व के पहले नौ दिन शिव नवरात्रि के रुप में मनाये जाते हैं। इन नौ दिनों में भगवान को दूल्हें के रुप में विभिन्न आकर्षक वस्त्रों और हीरे से जडित सोने के आभूषणों से सुसज्जित किया जाता है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पर्व पर रात में महापूजा कर सात प्रकार के फलों का रस एवं पंचामृत चढाया जाएंगा और शिव शास्त्र के अनुसार सवालाख बिल्वपत्र अपर्ण किये जाएंगे और पर्व पर भगवान महाकाल का विशेष श्रंगार कर सप्तधान्य का मुखौटा धारण करवाया जायेगा। भगवान महाकाल को पुष्प मुकुट धारण करवाकर श्रृंगारित किया जाएगा। कल प्रात: आरती होगी तथा इसके बाद भगवान महाकाल पर चॉदी के बिल्वपत्र एवं सिक्के न्यौछावर किये जाएंगे और दोपहर में भस्मार्ती होगी।
 
तत्पश्चात मध्यान्ह काल की आरती के बाद ब्राम्हणों को पारणा भोजन कराया जायेगा। इसके साथ ही शिवरात्रि का पावन महापर्व का समापन होगा। महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर के गर्भगृह में उज्जैन तहसीलदार ले शासकीय पूजा की। पूजा-अर्चना महाकाल मंदिर के पुजारियों के द्वारा संपन्न कराई गई। पूजा के अवसर पर संभागायुक्त एम.बी.ओझा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक.एडीजीपी. व्ही मधुकुमार, कलेक्टर एवं मंदिर समिति के अध्यक्ष संकेत भोंडवे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। पर्व की व्यवस्थाओं की कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा निगरानी की जा रही थी। अधिकारियों के द्वारा कन्ट्रोलरूम में सी.सी.टी.वी. के माध्यम से व्यवस्थाओं को लेकर निर्देश दिए जा रहे थे। ताकि दर्शनार्थियों को कम से कम समय में महाकाल के दर्शन हो सकें। 

महाशिवरात्रि के दूसरे दिन होगी दोपहर में भस्मार्ती 
उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित प्रसिद्ध भगवान महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन तडके होने वाली भस्मार्ती परंपरानुसार महाशिवरात्रि पर्व के दूसरे दिन दोपहर में होगी। महाकालेश्वर मंदिर देश का एकमात्र ऐसा शिवालय है, जहां प्रतिदिन तडके भस्मार्ती होती है। लेकिन महाशिवरात्रि पर्व के दूसरे दिन वर्ष में केवल एक बार भस्मार्ती दोपहर में होती है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते है। यहां महाशिवरात्रि को भगवान शंकर पार्वती के विवाहोत्सव के रुप में मनाया जाता है और मंदिर को विवाह मंडप के रुप में आकर्षक विद्युत सज्जा से सुसज्जित किया जाता है।