Thursday, 05 December, 2019
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मोटापा और मधुमेह नियंत्रण में भी बहुत फायदेमंद है बादाम

Posted at: Nov 27 2019 4:19PM
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अहमदाबाद। बादाम के सामान्य तौर पर पौष्टिक होने और दिल के लिए मुफीद होने की बात से तो सब वाकिफ हैं पर कम ही लोगों को पता है कि इसके नियमित सेवन से मोटापा कम करने में और मधुमेह यानी डायबिटीज की बीमारी को नियंत्रित करने में भी खासी मदद मिलती है। अल्मोंड बोर्ड ऑफ केलिफोर्निया के भारत में क्षेत्रीय निदेशक सुदर्शन मजूमदार की मौजूदगी में यहां ‘आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली से तालमेल बिठाते हुए स्वस्थ कैसे रहें’ विषय पर आयोजित एक परिचर्चा के दौरान जानी मानी फिटनेस विशेषज्ञ और अमेरिकन काउंसिल ऑन एक्सरसाइज से प्रमाणित वजन प्रबंधन विशेषज्ञ सपना व्यास तथा फिटनेस एवं आहार विशेषज्ञ और अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूट्रीशन की पूर्व छात्रा माधुरी रूइया ने बादाम सेवन के लाभ के साथ ही साथ इसके बारे में कई मिथकों पर भी बातचीत की।
उन्होंने बताया कि बादाम, वजन के नियंत्रण में इसलिए बेहद मददगार है क्योंकि इसके सेवन से पौष्टिक तत्व तो मिलते ही हैं, कम कैलरी में ही पेट भरे होने का एहसास होता है जिससे अधिक खाने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगती है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में यह भी सामने आया है कि बादाम रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करने में खासा लाभदायक है। इस तरह यह मधुमेह नियंत्रण में बहुत फायदेमंद है। दिल के लिए यह बेहतर तो है हीं क्योंकि इसके सेवन से खराब कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल कम होते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल बढ़ते हैं जबकि कोलेस्ट्रॉल घटाने वाली दवाओं से दोनो ही घट जाते हैं।
एक व्यक्ति रोजाना 30 ग्राम बादाम सेवन कर सकता है और इसे सुबह के नाश्ते के साथ खाना सबसे अच्छे परिणाम देता है। वैसे इसे कभी भी खाया जा सकता है। अपना वजन एक ही साल में सफलतापूर्वक 33 किलो घटाने के बाद सुर्खियों में आयीं सुश्री व्यास जो कई खेल संगठनों से भी बतौर फिटनेस विशेषज्ञ जुड़ी हैं, ने बताया कि अगर हरी सब्जियों, फल और रेशायुक्त पदार्थों के सेवन तथा व्यायाम के साथ बादाम के सेवन को भी खान पान में शामिल किया जाये तो वजन नियंत्रण के अलावा मधुमेह नियंत्रण समेत कई फायदे हो सकते हैं।
श्रीमती रूइया ने बताया कि बादाम को छिलके समते खाना सबसे अच्छा होता है क्योंकि छिलके में कई तरह के पोषक पदार्थ होते हैं। उन्होंने कहा कि बादाम भिंगोने से भी इसके पोषक तत्व कम होते हैं हालांकि यह पचने में थोड़ा आसान हो जाता है। पर पूरे बादाम को छिलके के साथ खाना ही अच्छा होता है। भारत और गुजरात जहां मधुमेह के रोगी अधिक संख्या में हैं और जहां आनुवंशिक कारणों से दिल की बीमारी की संभावना अधिक होती है, बादाम का सेवन इनके नियंत्रण में फायदेमंद हो सकता है।
मजूमदार ने बताया कि कैलिफोर्निया बादाम का सबसे बड़ा आयातक देश भारत है जहां पिछले साल इसके कुल उत्पादन 2 अरब 26 करोड़ पाउंड के लगभग 10 प्रतिशत हिस्से (23 करोड 10 लाख पाउंड) का आयात किया गया था। कुल उत्पादन का 67 प्रतिशत निर्यात हुआ था जबकि शेष हिस्सा अमेरिका कनाडा में घरेलू तौर पर इस्तेमाल हुआ था। उन्होंने कहा कि अल्मोंड बोर्ड ऑफ कैलिफोर्निया इसके फायदे के बारे में जागरूकता फैलाता है। भारत में इस बारे में और अधिक जागरूकता की जरूरत है क्योंकि इसके स्वास्थ्य संबंधी बहुत से लाभ हैं। मधुमेह के रोगियों के लिए तो यह बहुत ही लाभदायक है।