Sunday, 22 September, 2019
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गुजरात सरकार ने आधा किया ट्रैफिक जुर्माना, गडकरी बोले - ऐसा न‍हीं कर सकते

Posted at: Sep 11 2019 3:06PM
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अहमदाबाद। संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट में जुर्माना बढ़ाने को जहां ज्यादातर राज्य सही मान रहे हैं। इस बीच गुजरात की बीजेपी सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन में कई जुर्माने की राशि घटा दी है। केंद्र द्वारा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने को गुजरात सरकार ने 25% से 90% तक कम कर दिए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने इसके लिए मानवीय आधार को कारण बताया है। ऐसे में अब माना जा रहा है कि दूसरे राज्य भी जुर्माने को कम कर सकते हैं।
बता दें, नए मोटर व्हीकल एक्ट में राज्य सरकार को कुछ जुर्माने घटाने का अधिकार दिया गया है। मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने मानवीय आधार को कारण बताते हुए जुर्माने को घटा दिया है। हालांकि इस बीच केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि 'मोटर व्हीकल संशोधन बिल में कोई भी राज्य बदलाव नहीं कर सकता। गडकरी ने कहा, 'मैंने राज्यों से जानकारी ली है। अभी तक कोई ऐसा राज्य नहीं है, जिसने कहा हो कि इस एक्ट को लागू नहीं करेंगे। कोई भी राज्य इससे बाहर नहीं जा सकता।
केंद्र सरकार ने बाइक पर ट्रिपलिंग करने पर 1000 रुपये का जुर्माना रखा है। ऐसे में गुजरात सरकार ने टू-व्हीलर पर ट्रिपलिंग व ओवरलोडिंग पर यह जुर्माना 90% घटाकर 100 रुपये कर दिया है। इसके अलावा बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर केंद्र ने 5,000 रुपेय का चालान रखा है, जो कि गुजरात सरकार ने घटाकर 3,000 रुपये कर दिया है। इसी प्रकार नए मोटर व्हीकल नियम में हेलमेट व सीटबेल्ट न लगाने का जुर्माना 1,000 रुपये था, जो कि अब गुजरात में 5,00 रुपये कर दिया है। इसके अलावा स्पीड लिमिट क्रॉस कर पर जुर्माना 2,000 रुपये से 1,500 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा बिना पॉल्यूशन कंट्रोल सर्टिफिकेट, ड्राइवर्स लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के जुर्माने को भी कम किया गया है।
गुजरात में नए जुर्माने 16 सितंबर से लागू किए जाएंगे। हालांकि, सरका ने शराब पीकर गाड़ी चलाने और ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने का जुर्माना में कोई बदलाव नहीं किया है, क्योंकि केंद्र सरकार ने इनमें बदलाव का प्रावधान नहीं रखा है। बता दें अभी तक ये एक्ट कांग्रेस शासित राज्यों छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पंजाब के अलावा गुजरात में लागू नहीं हुआ था। ऐसे कर्नाटक सरकार भी कह रही है कि अगर दूसरे राज्य में जुर्माना कम होता है, तो वो भी इसपर विचार करेंगे।