Thursday, 14 November, 2019
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उप्र में सोशल मीडिया पर सदभाव भंग करने वालों की खैर नहीं

Posted at: Nov 8 2019 7:58PM
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सोशल मीडिया के माध्यम से सामाजिक सदभाव भंग करने वाले तत्वों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के पुलिस अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गये हैं। पुलिस प्रवक्ता ने यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीजीपी सिंह के निर्देशन में आज यूपी 112 मुख्यालय में अपर पुलिस महानिदेशक, कानून-व्यवस्था, पुलिस महानिरीक्षक,कानून-व्यवस्था ने प्रदेश के जोनल/परिक्षेत्रीय एवं जिला सोशल मीडिया सेल में नियुक्त प्रभारी अधिकारी एवं प्रभारी मीडिया सेल व जिला मीडिया प्रभारी तथा साइबर सेल प्रभारी को वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से वर्तमान परिवेश में भावी चुनौतियों के दृष्टिगत सोशल मीडिया के माध्यम से आपत्तिजनक/भ्रामक पोस्ट/मैसेज/वीडियो आदि के माध्यम से साम्प्रदायिक सदभाव को भंग करने की चेष्टा करने वालों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई एवं आमजन को प्रदेश की सामाजिक समरसता एवं आपसी सौहार्द बनाये रखने के लिए सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मो पर जागरूक रहने के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिये गये।

उन्होंने बताया कि आज भेजे निर्देशों में कहा गया है कि सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत कर उनके सोशल मीडिया एकाउन्ट को ब्लॉक कराने की कार्रवाई करते हुए ऐसे व्यक्तियों के विरूद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाय। सोशल मीडिया पर किये गये आपत्तिजनक पोस्ट को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया की जानकारी दी गयी ताकि पोस्ट डिलीट होने पर भी साक्ष्य उपलब्ध रहे। प्रवक्ता ने बतायाक  विगत 05 वर्षो में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक/भ्रामक पोस्ट करने वाले व्यक्तियों के सम्बन्ध में सूचनायें एकत्रित करने के साथ-साथ ऐसे व्यक्तियों को जो आपत्तिजनक पोस्ट कर समाज में वैमनस्यता फैलाने का प्रयास करते है, को चिन्हित कर थानावार रजिस्टर बनाकर उनका इन्द्राज किया जाय तथा सतर्क दृष्टि रखी जाय।

उन्होंने कहा कि  उक्त चिन्हित व्यक्तियों के सम्बन्ध में डिजिटल वालंटियर ग्रुप के माध्यम से जानकारी साझा की जाय, जिससे इस प्रकार के व्यक्तियों द्वारा की जाने वाली भ्रामक पोस्ट/सूचना का डिजिटल वालंटियर ग्रुप के सदस्यों द्वारा भी सतर्क दृष्टि रखी जाय।  व्हाट्सएप ग्रुपों पर किये जाने वाले आपत्तिजनक पोस्ट के सम्बन्ध में सम्बन्धित पोस्ट करने वाले व्यक्तियों के साथ-साथ ग्रुप एडमिन के विरूद्ध भी विधिक कार्रवाई के निर्देश दिये गये। जिलों को निर्देशित किया गया कि वे अपने स्तर से इस बात का प्रचार-प्रसार करें कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणी, भाषण, तस्वीर, धार्मिक उन्माद, सामाजिक विद्वेष, जातिगत घृणा आदि से सम्बन्घित वीडियो/मैसेज आदि पोस्ट न करें, न ही इसे लाइक व फारवर्ड करे।

        सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म  फेसबुक, ट्वीटर, व्हाट्सएप आदि के माध्यम से भड़काऊ/आपत्तिजनक पोस्टों के विषय में पुलिस विभाग को सूचित करने के लिए जनसामान्य के लिए  मुख्यालय स्तर से व्हाट्सएप नंम्बर 8874327341 उपलब्ध कराया जा रहा है। जनता का कोई भी इस नम्बर पर टेक्स्ट मैसेज/वाइसक्लीप, स्क्रीन शॉट आदि के माध्यम से वहाट्सएप कर सकता है, जिसकी पहचान गोपनीय रखी जायेगी।