Saturday, 30 May, 2020
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कोरोना के कहर के बीच मोदी सरकार ने दी बड़ी राहत, यहां से....

Posted at: Mar 30 2020 12:26AM
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नई दिल्‍ली। सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना में संशोधन के लिए अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे लॉकडाउन के दौरान आर्थिक तंगी का सामना कर रहे कर्मचारी तीन महीने का वेतन निकाल सकेंगे। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने रविवार को बताया कि कोरोना वायरस 'कोविड-19' के मद्देनजर कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 में संशोधन के लिए अधिसूचना जारी कर दी गयी है।
अब योजना में शामिल कर्मचारी अपने तीन महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर की राशि निकाल सकेंगे जो उन्हें वापस जमा नहीं करानी होगी हालांकि यह राशि योजना में जमा उनकी कुल राशि के 75 प्रतिशत से अधिक नहीं होने की शर्त भी है। 
मंत्रालय ने बताया कि कोविड-19 को महामारी घोषित किया जा चुका है इसलिए देश भर के सभी कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सकेगा। अधिसूचना शनिवार से प्रभावी हो चुकी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अपने सभी अधिकारियों तथा कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे इस तरह की निकासी के आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करें ताकि आवेदकों और उनके परिवारों को समय पर सहायता मिल सके।
कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया गया है और इसीलिए ईपीएफ योजना के दायरे में आने वाले देश भर में कारखानों और विभिन्न प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारी इस राशि को निकालने के लिये पात्र हैं। इसके लिये ईपीएफ योजना, 1952 के पैरा 68 एल के उप-पैरा (3) को जोड़ा गया है। संशोधित कर्मचारी भविष्य निधि कोष (संशोधन) योजना, 2020, 28 मार्च से अमल में आया है।