Thursday, 09 February, 2023
dabang dunia

समाचार

आज PM से मिलेंगे राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के विजेता, बहादुर बच्चों से बातचीत करेंगे मोदी

Posted at: Jan 24 2023 1:15PM
thumb

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं के साथ बातचीत करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सोमवार को यह जानकारी दी। भारत सरकार नवाचार, समाज सेवा, शैक्षिक, खेल, कला-संस्कृति और वीरता की छह श्रेणियों में बच्चों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान करती है। इस साल बाल शक्ति पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों के तहत देश भर से 11 बच्चों को पीएमआरबीपी-2023 के लिए चुना गया है। पुरस्कार पाने वालों में 11 राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों के 6 लड़के और 5 लड़कियां शामिल हैं। इसके तहत प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार और एक प्रमाण-पत्र दिया जाता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि बच्चों को देशहित के बारे में सोचना चाहिए और जब भी मौका मिले तब राष्ट्र निर्माण के लिए काम करना चाहिए।मुर्मू ने एक समारोह में 11 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किया था।उन्होंने कहा, बच्चे हमारे देश की अमूल्य संपत्ति हैं। 
उनके भविष्य-निर्माण के लिए किया गया हर प्रयास हमारे समाज और देश के भविष्य को स्वरूप प्रदान करेगा। हमें उनके सुरक्षित और खुशहाल बचपन तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए हरसंभव प्रयास करने चाहिए। मुर्मू ने कहा, बच्चों को पुरस्कार देकर, हम राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को प्रोत्साहित और सम्मानित कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ पुरस्कार विजेताओं ने इतनी कम उम्र में ही इतना अदम्य साहस और पराक्रम दिखाया है कि उन्हें उनके बारे में जानकर न केवल आश्चर्य हुआ, बल्कि वह इससे अभिभूत हो गईं। उन्होंने कहा कि इनके उदाहरण सभी बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणादायी हैं। मुर्मू ने कहा, हम देश भर में आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। हमे कड़े संघर्ष के बाद आजादी मिली है, इसलिए नई पीढ़ी से यह अपेक्षा की जाती है कि वे सभी इस स्वतंत्रता के मूल्य को पहचानें और इसकी रक्षा करें। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे देश के हित के बारे में सोचें और जहां भी मौका मिले देश के लिए काम करें। राष्ट्रपति ने कहा, भारतीय जीवन-मूल्यों में परोपकार को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। जीवन उन्हीं के लिए सार्थक है, जो दूसरों के लिए जीते हैं।