Thursday, 04 March, 2021
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डॉ निशंक को हिंदी राइटर्स गिल्ड कनाडा ने साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित किया

Posted at: Jan 18 2021 12:30AM
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देहरादून। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को उनके उत्कृष्ट लेखन और साहित्य के लिये हिन्दी राइटर्स गिल्ड कनाडा द्वारा साहित्य गौरव से सम्मानित किया गया। वर्चुअल माध्यम से भारत एवं विश्व के 52 से अधिक देशों के प्रसिद्ध साहित्यकारों और हिन्दी प्रेमियों तथा शिक्षाविदों की उपस्थिति में उत्तराखण्ड के राज्यपाल बेबी रानी मौर्य उन्हें राजभवन में यह सम्मान प्रदान किया।

इस प्रतिष्ठित सम्मान को पाने के बाद शिक्षा ने हिंदी राईटर्स गिल्ड कनाडा और कनाडा में रह रहे भारतवंशियों और वहां कार्यरत भारतीय भाषा संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन भारतवंशियों को समर्पित है जो विदेश में रहकर भी भाषा और संस्कृति के लिए समर्पित हैं और अत्यंत समर्पण से विदेश में रहकर भी भारतीय भाषाओं और संस्कृति का परचम फहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार भारत के उन करोड़ों व्यक्तियों जैसे कि मजदूर, किसान, शिक्षक एवं कामगार को भी समर्पित है जो तमाम कष्टों कठिनाईयों और चुनौतियों के बीच भी नए भारत के निर्माण में लगे हुए हैं।

डॉ. निशंक ने कनाडा और भारत के बीच भाषा और संस्कृति को लेकर हो रहे संवाद पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि आज एक महत्वपूर्ण संवाद हो रहा है और यह भी महत्वपूर्ण है कि यह वैश्विक संवाद हिंदी में हो रहा है। उन्होनें कहा कि यह हिंदी के वैश्विक भाषा बनने का प्रतीक भी है। मैं सबसे पहले कनाडा के कवियों, कहानीकारों और रचनाकारों को बधाई देता हूँ जिनकी रचनाओं सपनों का आकाश और संभावनाओं की धरती का लोकार्पण आज हुआ है। 

उन्होंने कहा कि हिंदी लेखन के विश्व पटल पर मारिशस फीजी, ब्रिटेन और अमेरिका के लेखक तो सक्रिय हैं ही परंतु जिस तरह से इस संग्रह में हिंदी राईटर्स गिल्ड के प्रयासों से कनाडा में रहने वाले हिंदी रचनाकारों ने प्रावासी भारतीय लेखन को समृद्ध किया है वह प्रशंसनीय है। डॉ. निशंक ने हिंदी राइटर्स गिल्ड को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमने यह निर्णय लिया है कि इन पुस्तकों के प्रकाशन मे शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय हिंदी संस्थान समुचित सहयोग करेंगे। इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि डॉ. निशंक एक मूर्धन्य कवि, लेखक, पत्रकार और लोकप्रिय राजनेता हैं। विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री रहते हुए भी उन्होंने साहित्य सेवा के प्रति अपना समपर्ण सिद्ध किया है। उन्होंने कहा कि डॉ. निशंक का बहुमुखी व्यक्तित्व ही है जो कि साहित्य सेवा के साथ ही राजनीति एवं समाजसेवा में भी एक साथ सक्रिय है।