Thursday, 04 March, 2021
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यात्रियों के ब्राण्डेड मोबिलिटी अपनाने से इंटरसिटी स्मार्टबस को मिला फायदा

Posted at: Jan 21 2021 12:02AM
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नई दिल्ली। बस परिवहन के क्षेत्र में पहली और अग्रणी कंपनी इंटरसिटी स्मार्टबस ने लॉकडाउन के बाद यात्रा बहाल होने पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। कंपनी उपभोक्ता की सोच में बदलाव के कारण पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी तेजी आगे बढ़ रही है और इसके आगे भी बरकरार रहने की उम्मीद है। 

इंटरसिटी रेलयात्री के मुख्य कार्यकारी अधिकरी और सह संस्थापक मनीष राठी ने कहा, ‘‘हमारा ब्राण्ड ग्राहकों की जरूरतें समझने पर बहुत ध्यान देता है और यात्रा के सर्वश्रेष्ठ अनुभव की पेशकश करता है। हमारी सेवा से संतुष्ट ग्राहकों की संख्या हर दिन बढ़ रही है। कोविड-19 से पहले के हमारे सभी मार्ग 15-20 प्रतिशत बेहतर फिल रेट्स देख रहे हैं और हमारा यूनिट इकोनॉमिक्स भी सुधरा है। यह हमारे लिये गर्व का विषय है।’’ 

उन्होंने कहा कि महामारी के कारण खासतौर से उपभोक्ताओं ने अनुभव की समग्र गुणवत्ता के बेहतर होने की अपेक्षा करना शुरू किया है, जिसमें सुरक्षा, आरामदेयता और सुविधा को पहले से ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। उपभोक्ता की पसंद बदलने की समझ ने स्मार्टबस को अपना प्रदर्शन बेहतर बनाने और नई ऊंचाई छूने में मदद की है, लेकिन सच्चाई यही है कि कोविड 19 ने इंटरसिटी स्मार्टबस के लिये संभावनाओं के द्वार खोल दिये हैं और इंटरसिटी मोबिलिटी सेगमेंट में अपना स्तर ऊंचा करने में उसकी सहायता की है। 

कंपनी आज ब्राण्ड की ओर आकर्षित करने वाले मजबूत उपायों और यात्री की वफादारी, विश्वास और भरोसे के कारण नये मार्गों में विस्तार कर रही है और इंटर-सिटी मोबिलिटी सेगमेंट में में अपनी बाजार पहुंच को मजबूत बना रही है। कंपनी सभी सात हब्स दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई, अहमदाबाद और लखनऊ में कोविड से पहले के सभी मौजूदा मार्गों पर पूरा परिचालन बहाल कर चुकी है और 200 से ज्यादा शहरों को जोड़ रही है। 

मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा,‘‘ इसके अलावा, लॉकडाउन के दौरान हमने जो सर्वे किया था, उसने उपभोक्ता की सोच को समझने और कई नवाचार पेश करने में हमारी मदद की है। इससे हमें इंटर-सिटी मोबिलिटी के बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति बनाये रखने और हमारी अपेक्षा से ज्यादा तेज गति से आगे बढ़ने में मदद मिली है।’’ 

राठी ने कहा कि जहां तक यात्रा और परिवहन उद्योग की बात है, लगभग 60 प्रतिशत यात्री रेल और सरकारी स्वामित्व वाली सड़क परिवहन निगम की बसों में चलते हैं। इस आंकड़े में पिछले लगभग 10 वर्षों से कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। यहां उन निजी कंपनियों की जरूरत है, जिनसे अपना नेटवर्क बढ़ाने और अतिरिक्त यात्री परिवहन प्रदान करने की अपेक्षा की जाती है।

उन्होंने कहा कि आज निजी इंटर-सिटी बसें यात्रा का अकेला सबसे बड़ा और पसंदीदा तरीका हैं। सब कुछ सामान्य रहा, तो अगले पांच वर्षों में निजी इंटर-सिटी बसों की भूमिका बहुत बढ़ने वाली है। इंटर-सिटी ट्रेवेल सेगमेंट में यह अभूतपूर्व वृद्धि सीधे सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि और देश के हाइवे नेटवर्कों में हुए निवेशों से जुड़ी है। 

इस ब्राण्ड ने सुविधाजनक और आरामदेय वातानुकूलित प्रतीक्षालय का कॉन्सेप्ट दिया है, जहाँ बस यात्री अपनी बस की प्रतीक्षा कर सकते हैं और एक सुरक्षित वातावरण में वहां समय बिता सकते हैं। हर प्रतीक्षालय में बैठने की आरामदायक जगह और पावर नैप लेने के लिये रिक्लाइनर्स होते हैं, साथ ही फ्री वाई-फाई, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स, और मूलभूत सुविधाएं, जैसे स्वच्छ पेयजल, कॉफी और शौचालय भी हैं।