Thursday, 04 March, 2021
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विदेशी नागरिकों को क्वारंटीन न करने के बदले लेते थे पैसे, बीएमसी इंजीनियर सहित तीन धरे

Posted at: Jan 17 2021 6:29PM
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मुंबई। मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कोरोना गाइडलाइन और क्वारंटीन नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। यहां पर धड़ल्ले से विदेशी नागरिकों को क्वारंटीन न करने के बदले उनसे पैसे लिए जा रहे थे। देशभर में कोरोना वायरस के वैक्सीन तो लगाए जा रहे हैं, लेकिन फिर भी सुरक्षा के मद्देनजर एयरपोर्ट पर विदेश से आने वाले हर यात्री को अनिवार्य रूप से कुछ दिनों के लिए इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन में रखने का नियम है। हालांकि, मुंबई एयरपोर्ट पर इस नियम को ताक पर रख दिया गया। 

इस मामले में एयरपोर्ट पर सब-इंजीनियर दिनेश गावंडे और उसके दो साथियों अशरफ सारंग और विवेक सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ये तीनों आरोपी विदेशी नागरिक से पैसे लेकर उसे क्वारंटीन करने से बचाने की फिराक में थे। दिनेश रंगे हाथों पकड़ा गया। अधिकारियों ने बताया है कि दिनेश ने इस बात को स्वीकार लिया है कि उसने विदेशी नागरिक इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन से बचाने के लिए उससे पैसे लिए।   

पुलिस को दिनेश के पास से एक बैग में कुछ सऊदी अरब की करेंसी के 35 लाख रुपये नकद, 200 सऊदी रियाल, होम क्वारंटीन के नकली रबर स्टांप, कुछ लेटरहेड और डॉक्टरों के साइन बरामद हुए हैं। ऐसे में पुलिस यह भी पता कर रही है कि आरोपी ने फेक स्टांप कैसे बनवाईं। इसके अलावा दिनेश को सस्पेंड कर दिया गया है और उसके खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। 

21 दिसंबर 2020 के बाद से बीएमसी और राज्य सरकार ने कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन सामने आने के बाद सख्ती बढ़ा दी है। यूरोप, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका से आने वाले यात्रियों के लिए इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन अनिवार्य कर दिया गया है। अब तक 49 हजार से अधिक यात्री विदेश से भारत आ चुके हैं। बीएमसी ने  23 दिसंबर से एयरपोर्ट पर इन तीनों आरोपियों को दुबई, कुवैत और अमेरिका के यात्रियों की जांच करने के लिए तैनात किया था। इस बीच बीएमसी को सूचना मिली कि इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन को लेकर गड़बड़ी चल रही है। 

इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई तो तीनों आरोपी पकड़े गए। ऐसे में बीएमसी ने खुद ही इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने लोगों से ऐसे लोगों के झांसे में न आने की अपील की है। इस मामले पर अधिकारियों ने कहा कि यह बहुत बड़ी गलती है। इससे लाखों लोगों की जिंदगियों पर बुरा असर पड़ सकता था। विदेशों में कोरोना के नए स्ट्रेन सामने आ रहे हैं। ऐसे में यह बहुत भारी चूक साबित हो सकती थी।