Monday, 17 May, 2021
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बंगाल का संग्राम : अमित शाह ने कहा, ममता के वोटबैंक अवैध प्रवासी हैं असल ''बाहरी''

Posted at: Apr 22 2021 7:12PM
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हरिरामपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर उनके ‘भीतरी-बाहरी’ वाले बार-बार दोहराए गए बयान के जरिए निशाना साधा। शाह ने कहा कि अवैध प्रवासियों का उनका वोट बैंक जिसके समर्थन के बल पर वह राज्य में शासन करना चाहती हैं, असल में बाहरी वे ही लोग हैं। शाह ने आरोप लगाया कि बनर्जी के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खुद मेरे लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करने के अलावा और कोई एजेंडा नहीं है।

दक्षिण दिनाजपुर जिले के हरिरामपुर क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, 'हर चुनावी रैली में अपने हर भाषण में वह दस मिनट प्रधानमंत्री और मेरे लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करती हैं। मैं देश का गृह मंत्री हूं, क्या मैं लोगों से बात नहीं कर सकता? मैं बाहरी कैसे हुआ?' इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और वाम दलों को भी निशाने पर लिया और दावा किया कि वाम दल और कांग्रेस के वोट बैंक भी ये 'बाहरी लोग' ही हैं।

उन्होंने कहा, 'मेरा जन्म इसी देश में हुआ है और मरने के बाद मेरा अंतिम संस्कार भी इस पवित्र भूमि पर होगा। अवैध प्रवासियों का आपका वोट बैंक ही बाहरी है जिनके बल पर आप बंगाल पर शासन करना चाहती हैं।' उन्होंने कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती है तो वह यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य की सीमाओं से कोई भी प्रवासी अवैध रूप से प्रवेश न करे। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा की नई सरकार शरणार्थियों को नागरिकता देगी।

प्रधानमंत्री ने रद्द किया बंगाल का चुनावी दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपना प्रस्तावित पश्चिम बंगाल दौरा रद्द कर दिया क्योंकि कोविड-19 की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के लिए वह एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘कोविड-19 की मौजूदा स्थिति के लिए मैं कल एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करूंगा। इसकी वजह से मैं पश्चिम बंगाल नहीं जा सकूंगा।’ इसके बाद प्रधानमंत्री का पश्चिम बंगाल में कोई चुनावी कार्यक्रम तय नहीं है। ऐसे में समझा रहा है कि अब वह राज्य में चुनाव प्रचार नहीं करेंगे।

भाजपा ने इससे पहले घोषणा की थी कि वह कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में छोटी-छोटी रैलियां करेगी जिसमें 500 से अधिक लोग शामिल नहीं होंगे। इसके बाद तय हुआ था कि प्रधानमंत्री शनिवार की प्रस्तावित रैलियों की जगह सिर्फ शुक्रवार को ही चुनावी कार्यक्रम करेंगे। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान मामलों में तेज वृद्धि होने के बावजूद रैलियां करने को लेकर भाजपा और प्रधानमंत्री विपक्षी दलों के निशाने पर हैं।