Sunday, 13 June, 2021
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तूफान ''ताउ ते'' के आज रात गुजरात तट से टकराने की आशंका, डेढ़ लाख से अधिक का स्थानांतरण

Posted at: May 17 2021 5:32PM
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अहमदाबाद। अरब सागर में उठे अत्यंत  तीव्र  (एक्स्ट्रीम्ली  सिवीयर) श्रेणी के तूफान 'ताउ ते' के आज रात आठ से 11 बजे के बीच गुजरात  के महुवा (भावनगर) और पोरबंदर के बीच केंद्र शासित क्षेत्र दीव से 20 किमी पूर्व में तट से टकराने का अनुमान व्यक्त किया गया है। पहले इसके 18 मई की सुबह तट तक पहुंचने का अनुमान था। इस तूफान के असर से पहले ही केरल, कर्नाटक, गोवा और महाराष्ट्र में ख़ासी तबाही मची है। मौसम विभाग की बुलेटिन के अनुसार यह तूफान आज दोपहर डेढ़ बजे दीव तट से 154 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व में स्थित था और इससे पहले के छह घंटे के दौरान 13 किमी प्रति घंटा की गति से आगे बढ़ रहा था।
 
इसके गुजरात तट के और करीब पहुंचने के दौरान हवाओं की रफ्तार 155 से लेकर 185  किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। इसके साथ तटीय गुजरात में भावनगर, बोटाद, वलसाड, नवसारी, गिर  सोमनाथ, अमरेली,  जूनागढ़ आदि में भारी से अति भारी और कहीं कहीं अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा अहमदाबाद, वडोदरा, भरूच, वलसाड आदि में भारी से अति भारी वर्षा भी हो सकती है। तूफान के असर से पिछले 24 घंटे में  80 से अधिक तालुका में बरसात हुई है। तटवर्ती इलाकों में तेज हवाओं के साथ अब भी छिटपुट बारिश हो रही है जिसके शाम तक और तेज होने की सम्भावना है।
 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कल मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के साथ बात कर तूफान से बचाव और राहत आदि के बारे में विस्तार से जानकारी ली। वह स्थिति पर सतत नजर बनाए हुए हैं। तूफान के मद्देनजर राज्य में कोरोना टीकाकरण का काम आज और कल  पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया गया है। राज्य ने आपदा नियंत्रण सम्बंधी कार्यों की निगरानी कर रहे राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पंकज कुमार ने बताया कि राहत कार्य के लिए कुल मिलाकर एनडीआरएफ की 41, एसडीआरएफ की 10 टीमें तैनात की गयी हैं। डेढ़ लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों यानी तैयार किए गए 930 आश्रय स्थलों पर स्थानांतरित किया जा चुका है।
 
इस दौरान कोरोना सम्बंधी सभी मानकों का पालन किया गया। तूफान के सम्भावित असर वाले जिलों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। सम्भावित इलाकों में बिजली आपूर्ति पर असर की आशंका के मद्देनजर जरूरी पावर बैक अप की व्यवस्था की जा रही है। बिजली विभाग की 661 टीमें भी तैयार रखी गयी हैं। स्वास्थ्य विभाग की 744 टीमें और राजस्व अधिकारियों की 319 टीमें भी तैनात की गयी हैं। 161 आईसीयू एम्बुलेंस और मरीजों को निशुल्क अस्पताल तक पहुंचाने वाली 108 नम्बर की 607 एम्बुलेंस भी तैनात कर दी गयी हैं। ऑक्‍सीजन की निर्बाध आपूर्ति जारी रखने के लिए सड़कों पर ग्रीन कॉरिडर तैयार किए गए हैं।
 
समुद्र में उथल  पुथल के चलते मछुआरों को पांच दिनों तक इसमें जाने की अनुमति नहि दी गयी है। सैकड़ों नावों को वापस भी बुला लिया गया है। गुजरात के वेरावल, पीपवाव, जाफराबाद आदि बंदरगाहों पर भी अति गम्भीर श्रेणी  नम्बर का 10 नम्बर का चेतावनी सिग्नल लगा दिया गया है। पोरबंदर, सिक्का, नवलखी, बेडी, न्यू कांडला, मांडवी और जखौ बंदरगाहों पर आठ नम्बर का सिग्नल है। मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया है कि तूफान, भारी वर्षा  और तेज हवाओं के कारण तटीय इलाकों में कच्चे, पक्के मकानों, सड़कों,  बिजली के खम्बों, पेड़ों और फसलों आदि को  नुकसान हो सकता है।
 
इसमें  ख़तरे वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने,  मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने, सड़क और रेल यातायात को भी नियंत्रित  करने, तूफान के दौरान लोगों से घरों में रहने की सलाह भी दी गयी है। एहतियाती तौर पर 2700 से अधिक होर्डिंग्स और 667 अस्थायी संरचनाओं को हटा लिया गया है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य का तंत्र किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। तटीय इलाकों से एहतियाती तौर पर डेढ़ लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। चौबीसों घंटे काम कर रहे एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष के जरिए पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।